अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में एसआईटी (SIT) की जांच लगातार तेज होती जा रही है। जांच के दौरान अब एक नया और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, रामलला को अर्पित किया गया हीरा जड़ित हार और चरण पादुका भी गायब होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके बाद जांच एजेंसियां इस मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने गुरुवार को एक बार फिर ट्रस्ट से जुड़े गोपाल राव और टिन्नू यादव से पूछताछ की। जांच के दौरान राम मंदिर के पुजारी से भी हार और चरण पादुका के संबंध में सवाल किए गए। पुजारी ने बताया कि भगवान को आभूषण पहनाने के बाद उन्होंने इन्हें टिन्नू यादव को वापस सौंप दिया था।
वहीं, पूछताछ में टिन्नू यादव ने दावा किया कि इन आभूषणों को गलाकर सोने की ईंट बनाने की योजना थी। हालांकि, जांच में अब तक न तो कोई सोने की ईंट मिली है और न ही उससे जुड़ा कोई दस्तावेज या रसी
एसआईटी फिलहाल चढ़ावे की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है। दानपात्रों से नकदी, सोना-चांदी और हीरे-जवाहरात निकालने से लेकर उनकी गिनती और बैंक में जमा कराने तक की व्यवस्था को बारीकी से खंगाला जा रहा है। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और अन्य संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां अब तक कई कर्मचारियों, सेवादारों और चढ़ावे की गणना से जुड़े लोगों से पूछताछ कर चुकी हैं। सूत्रों का दावा है कि 60 से अधिक लोगों से सवाल-जवाब किए जा चुके हैं, जबकि कुछ लोगों को दोबारा भी बुलाया गया है ताकि तथ्यों का मिलान किया जा सके।
इस बीच ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा से भी लंबी पूछताछ की गई है। एसआईटी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चढ़ावे के संग्रहण, गणना और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया के दौरान कहीं किसी स्तर पर अनियमितता तो नहीं हुई।
मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज कर दी है। विपक्ष निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ सकेगी।द बरामद हुई है। आभूषणों की देखरेख से जुड़े कृष्ण देव तिवारी से पूछताछ में भी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी।