बेंगलुरु: कर्नाटक विधान परिषद (MLC) की 7 सीटों के लिए वोटिंग शुरू हो चुकी है। इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक दिनेश गुंडू राव ने बड़ा बयान देते हुए पार्टी की जीत का पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस को किसी भी बाहरी (external) समर्थन की जरूरत नहीं है और पार्टी अपने दम पर सभी सीटों पर कब्जा करेगी।
बीजेपी ने लगाए ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ के आरोप
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) आर. अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है और क्रॉस-वोटिंग के डर से उन्हें रिसॉर्ट में शिफ्ट किया गया था।
हालांकि, उन्होंने बीजेपी के दोनों उम्मीदवारों की जीत का दावा करते हुए कहा, “हमारे विधायक निष्ठावान हैं, यहां कोई क्रॉस-वोटिंग नहीं होगी। हमारे पास जो अतिरिक्त (excess) वोट हैं, उन्हें हम जेडीएस (JD-S) को ट्रांसफर करेंगे।”
चुनाव का पूरा गणित
- कुल सीटें: 7 सीटों के लिए वोटिंग हो रही है, जो शाम 4 बजे तक चलेगी।
- जीत के लिए जरूरत: हर एक उम्मीदवार को जीतने के लिए कम से कम 28 वोटों की जरूरत है।
- मैदान में उम्मीदवार: चुनाव मैदान में कुल 8 उम्मीदवार हैं। कांग्रेस ने 4 मुख्य उम्मीदवार—बीके हरिप्रसाद, टिप्पन्नाप्पा कामकनूर, पीवी मोहन, और शिवन्ना मलावली को उतारा है। जबकि बीजेपी की तरफ से रघु कौटिल्य और लिंगराज पाटिल चुनाव लड़ रहे हैं।
- असली मुकाबला: सबसे दिलचस्प लड़ाई 7वीं सीट के लिए है, जहां कांग्रेस के विनय कार्तिक और जेडीएस के गोविंदराजू के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है।
सीएम डीके शिवकुमार के लिए बड़ी परीक्षा
यह चुनाव कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व (leadership) के लिए एक बड़ा इम्तिहान माना जा रहा है, क्योंकि उनके सीएम बनने के बाद यह पहला ऐसा बड़ा चुनाव है जहां उनकी रणनीति दांव पर लगी है। विधानसभा (विंधाना सौधा) में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और सीक्रेट वोटिंग के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।