बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भोपालपटनम क्षेत्र में नाबालिग छात्रा से कथित छेड़छाड़ के मामले में एक शिक्षक के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। रुद्रारम स्थित स्कूल में पदस्थ कंप्यूटर शिक्षक देवेंद्र दहिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो अधिनियम, 2012 की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया गया कि स्कूल में पढ़ने वाली आदिवासी छात्राओं के साथ कथित आपत्तिजनक स्पर्श और छेड़छाड़ की शिकायत सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया था। शिकायत के बाद मुख्यमंत्री ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए बीजापुर एसपी और कलेक्टर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की।
छात्रा की मां ने थाने में दी शिकायत
पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मां ने 12 सितंबर को भोपालपटनम थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनकी नाबालिग बेटी, जो एकलव्य विद्यालय में अध्ययनरत है, के साथ स्कूल में पदस्थ कंप्यूटर शिक्षक ने गलत नीयत से आपत्तिजनक स्पर्श कर कथित तौर पर छेड़छाड़ की।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी शिक्षक ने अलग-अलग मौकों पर छात्रा के साथ दोबारा छेड़छाड़ का प्रयास किया। छात्रा द्वारा इसका विरोध किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
BNS और POCSO एक्ट के तहत अपराध दर्ज
शिकायत मिलने के बाद भोपालपटनम थाना पुलिस ने शिक्षक देवेंद्र दहिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो अधिनियम, 2012 की संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस ने प्रकरण को विवेचना में लिया है और मामले से जुड़े तथ्यों एवं साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने बीजापुर एसपी और कलेक्टर को पूरे प्रकरण में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासन और पुलिस स्तर पर मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की गई। फिलहाल पुलिस आरोपी शिक्षक के खिलाफ दर्ज मामले की विवेचना कर रही है।
नाबालिग से जुड़े इस मामले में पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां और आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

