नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत पहुंचेंगे। नई दिल्ली में होने वाला यह सम्मेलन भारत के लिए कूटनीतिक लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को पुष्टि की कि पुतिन भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे।
11 सितंबर को मोदी-पुतिन की द्विपक्षीय बैठक
क्रेमलिन के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच 11 सितंबर को द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। दोनों नेता भारत-रूस के रणनीतिक संबंधों के साथ व्यापार, आर्थिक सहयोग, रक्षा और अन्य आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं।
पेस्कोव ने यह भी कहा कि रूस भारत को वैश्विक बहुमत में एक महत्वपूर्ण देश मानता है। उन्होंने भारत के BRICS सम्मेलन की मेजबानी को लेकर शुभकामनाएं भी दीं और उम्मीद जताई कि शिखर सम्मेलन सफल रहेगा।
BRICS सम्मेलन में जुटेंगे कई देशों के नेता
18वां BRICS शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होना है। भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले 31 अगस्त को पुतिन के साथ मुलाकात के दौरान उन्हें आगामी BRICS शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने का निमंत्रण दिया था।
रक्षा और आर्थिक सहयोग पर भी नजर
मोदी-पुतिन की प्रस्तावित बैठक में द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग के साथ रक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दे भी अहम हो सकते हैं। क्रेमलिन ने भारत के साथ नए परमाणु संयंत्रों पर बातचीत और रक्षा सहयोग को लेकर भी संकेत दिए हैं। Su-57 लड़ाकू विमान से जुड़ा संभावित सहयोग भी चर्चा के एजेंडे में रहने की बात सामने आई है।
यूक्रेन समेत वैश्विक मुद्दों पर भी हो सकती है चर्चा
भारत और रूस के बीच बातचीत में यूक्रेन संघर्ष और अन्य क्षेत्रीय-वैश्विक मुद्दे भी शामिल हो सकते हैं। पेस्कोव ने कहा है कि रूस यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में भारत के प्रयासों का स्वागत करेगा।
भारत और रूस के बीच संबंधों को लेकर दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की लगातार बातचीत ऐसे समय में हो रही है, जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। ऐसे में BRICS सम्मेलन के दौरान मोदी-पुतिन की मुलाकात पर दुनियाभर की नजरें रहेंगी।

