Thursday, September 24, 2026
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भारत के निजी क्षेत्र की रफ्तार में फिर आई कमी, जुलाई में मार्च 2022 के बाद सबसे धीमी रही ग्रोथ: HSBC Flash PMI

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नई दिल्ली:

भारत के निजी क्षेत्र की कारोबारी गतिविधियों में जुलाई महीने में सुस्ती देखने को मिली है। HSBC Flash PMI सर्वे के अनुसार, निजी क्षेत्र की वृद्धि दर मार्च 2022 के बाद सबसे कमजोर स्तर पर पहुंच गई है। इस गिरावट की मुख्य वजह सेवा क्षेत्र (Services Sector) की धीमी रफ्तार और कमजोर कारोबारी विस्तार को माना जा रहा है।

सर्वे के मुताबिक, कंपनियों को नए ऑर्डर और मांग में नरमी का सामना करना पड़ा, जिससे कुल व्यावसायिक गतिविधियों की गति प्रभावित हुई। हालांकि, निर्यात ऑर्डर में सुधार और रोजगार में बढ़ोतरी जैसे कुछ सकारात्मक संकेत भी देखने को मिले हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि निजी क्षेत्र में आई यह मंदी घरेलू मांग, वैश्विक अनिश्चितताओं और कारोबारी भरोसे पर असर डाल सकती है। सेवा क्षेत्र की कमजोर गतिविधियों ने जुलाई में समग्र आर्थिक विस्तार को प्रभावित किया, जबकि विनिर्माण क्षेत्र ने कुछ हद तक स्थिति को संभालने में मदद की।

HSBC Flash PMI के आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति का संकेत देते हैं। हालांकि PMI अभी भी विस्तार क्षेत्र में बना हुआ है, लेकिन विकास की धीमी गति उद्योगों के लिए एक चुनौती बनकर सामने आई है।

मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

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